ग्रामीण विकास के नायक || आज के नायक: श्याम सुंदर पालीवाल और 'पिपलांत्री' का परिवर्तन || Gyan Se Prakash ज्ञान से प्रकाश - एक शिक्षित समाज की ओर अग्रसर
आज के नायक: श्याम सुंदर पालीवाल और 'पिपलांत्री' का परिवर्तन
राजस्थान का राजसमंद जिला अपनी तपती गर्मी और पथरीली जमीन के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी जिले का एक छोटा सा गाँव 'पिपलांत्री' आज दुनिया के लिए एक केस स्टडी बन चुका है। इस बदलाव के पीछे जिस व्यक्ति की दूरदृष्टि है, उनका नाम है श्याम सुंदर पालीवाल।
एक व्यक्तिगत त्रासदी से उपजा सामाजिक संकल्प
श्याम सुंदर जी के जीवन में यह बदलाव एक बहुत ही दुखद घटना से शुरू हुआ। २००६ में उन्होंने अपनी जवान बेटी, किरण, को खो दिया। अपनी बेटी की याद को अमर बनाने के लिए उन्होंने गाँव में एक पेड़ लगाया। लेकिन उन्होंने इसे केवल एक निजी शोक तक सीमित नहीं रखा; उन्होंने इसे एक सामाजिक आंदोलन बना दिया।
बेटी, जल और वृक्ष: एक अनोखा संगम
पालीवाल जी ने गाँव के सरपंच रहते हुए एक अभूतपूर्व परंपरा शुरू की। उन्होंने नियम बनाया कि गाँव में जब भी किसी बेटी का जन्म होगा, पूरा गाँव मिलकर १११ पेड़ लगाएगा।
आर्थिक सुरक्षा: बेटी के जन्म पर गाँव वाले और माता-पिता मिलकर ३१,००० रुपये की एक एफडी (FD) करवाते हैं, जो बेटी के २० वर्ष की होने पर उसे मिलती है।
शपथ पत्र: माता-पिता से एक शपथ पत्र भरवाया जाता है कि वे बेटी को शिक्षित करेंगे, उसकी शादी कानूनी उम्र से पहले नहीं करेंगे और लगाए गए पेड़ों की देखभाल करेंगे।
'ज्ञान से प्रकाश' की ओर एक शिक्षित समाज
पिपलांत्री का मॉडल केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, यह 'शिक्षित समाज' की नींव रखता है: १. सामाजिक जागरूकता: कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को खत्म कर बेटियों को लक्ष्मी का रूप माना जाने लगा। २. आत्मनिर्भरता: पेड़ों (विशेषकर एलोवेरा) के कारण गाँव की महिलाओं को रोजगार मिला। आज यहाँ की महिलाएँ एलोवेरा जेल और जूस बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। ३. जल संरक्षण: लाखों पेड़ों की वजह से गाँव का जल स्तर, जो कभी बहुत नीचे चला गया था, अब काफी ऊपर आ चुका है।
निष्कर्ष: प्रेरणा का दीप
श्याम सुंदर पालीवाल जी को उनके इन प्रयासों के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि "ज्ञान" केवल किताबों में नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता में भी है। जब एक व्यक्ति सही दिशा में कदम उठाता है, तो पूरा समाज 'प्रकाश' की ओर अग्रसर होने लगता है।
ज्ञान से प्रकाश (एक शिक्षित समाज की ओर अग्रसर)
हमसे जुड़ें और ज्ञान का प्रकाश फैलाएं
ज्ञान बांटने से बढ़ता है। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ हर व्यक्ति शिक्षित और संस्कारित हो।
YouTube Channel: हमारे आधिकारिक यूट्यूब चैनल "Gyan Se Prakash (एक शिक्षित समाज की ओर अग्रसर)" को सब्सक्राइब करें और प्रतिदिन ऐसे ही अनमोल विचारों का लाभ उठाएं।
WhatsApp Channel: ताज़ा अपडेट्स और सुविचार सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें।
📚 विशेष भेंट: "शिक्षित समाज बनाएं" पुस्तक
यदि आप समाज में बदलाव लाने और अपने जीवन को एक नई दिशा देने के इच्छुक हैं, तो हमारी विशेष पुस्तक "शिक्षित समाज बनाएं" जरूर पढ़ें। यह पुस्तक आपको ज्ञान के उस प्रकाश की ओर ले जाएगी, जहाँ हर अंधेरा मिट जाता है।
आज ही अपनी प्रति सुरक्षित करें और ज्ञान की इस मशाल को घर-घर पहुँचाने में हमारी मदद करें !

Comments
Post a Comment